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Saturday, January 3, 2015

गर्मी के दिनों ठंडक पाने के लिए


गर्मी के दिनों ठंडक पाने के लिए

सौंफ का चूर्ण दूध में मिलाकर पीने से शरीर में जलन नहीं होती है।

२ – सूखा धनिया व चावल बराबर मात्रा में लेकर पानी में भिगोकर अच्‍छी तरह फुला लें और सुबह पीसकर गर्म करके पिएं।

३ – यदि गर्मी से सिर चकरा रहा हो और जी घबरा रहा हो तो आंवले का शर्बत पीने से फौरन राहत मिलती है।

४ – जिगर में गर्मी बढ़ जाने पर जलन होने लगती है। अधिक प्‍यास लगने के साथ ही पेशाब का रंग भी लाल हो जाता है। कब्‍ज की शिकायत हो जाती है। इन हालात में छाज में थोड़ा सा नमक डालकर दिन में तीन – चार बार पीने से आराम मिलता है।

५ – दिन के समय सेब, आंवला या किसी फल से बना मुरब्‍बा खाने से जलन नहीं होती है।

६ – सीने में जलन होने पर सुबह, दोपहर व शाम को आठ दस पके हुए फल खाएं यदि फल ताजें न हों तो पांच से छह ग्राम सूखे फलों का चूर्ण ताजे पानी के साथ फांक लें। आपको तुरंत आराम मिलेगा।

७ – कच्‍चे प्‍याज का रस शरीर में लगाने पर शरीर को ठंडक मिलती है।

८ – पुदीना या धनिया पीस कर हाथ पैरों पर लगाने से जलन दूर हो जाती है।

९ – पैरों पर मेंहदी लगाने से शरीर की गर्मी दूर हो जाती है।

१० – लौकी के गूदे को कस कर हाथ पैरों पर रगड़ने से जलन कम होती है।

११ – पका पपीता पीस का हाथ पैरों पर लगाने से गर्मी से राहत मिलती है।

१२ – हाथ पैरों पर बकरी दूध मलने से भी गर्मी में आराम मिलता है।

१३ – गूलर के रस में शहद मिलाकर चाटने से हाथ, पैर, कमर व आंखों की जलन शांत होती है।

१४ – पकी इमली के गूदे को हाथ पैरों पर मलने से गर्मी से उत्‍पन्‍न जलन शांत हो जाती है।

१५ – सत्‍तू (भुने चनों से बना) खाने से शरीर की जलन शांत होती है और आप गर्मी से भी बचे रहते हैं।

१६ – आलू बुखारा चूसने से गले की खुश्‍की मिटती है।


१७ – गर्मी के दिनों में अक्‍सर गला सूखता है। इसके लिए छुहारे की गुठली मुंह में रखें आपका गला खुश्‍क नहीं होगा।