Friday, December 4, 2015

रक्‍त साफ करने के लिए कुछ उपाय - Some Tips Blood clean

क्‍या आप हमेशा थकान महसूस करते है क्‍या आपको अक्‍सर फोडा फुंसी और दानों की शिकायत रहती है या पेट में गड़बड़ी रहती है क्‍या आपका वजन कम नहीं होता -




इसका साफ मतलब है कि आपके रक्‍त को शुद्धता की आवश्‍यकता है। दुनिया भर की पद्धतियों में वर्षो से रक्‍त साफ करने के प्रयास होते आ रहे है - इनमें आयुर्वेदिक और चाइनीज दवा प्रणाली भी शामिल है - रक्‍त की शुद्धता का अर्थ होता है कि उसमें स्थित अशुद्धि को दूर करना। रक्‍त में कई प्रकार के गंदे तत्‍व मिल जाते है जिससे शरीर की प्रणाली पर नकारात्‍मक असर पड़ता है। इन पद्धतियों के माध्‍यम से रक्‍त को साफ करने के अलावा उनमें पोषक तत्‍वों को शामिल करने का भी प्रयास किया जाता है ताकि मानव शरीर स्‍वस्‍थवर्धक हो-

रक्‍त की सफाई प्रणाली कैसे काम करती है रक्‍त की सफाई का अर्थ रक्‍त से अशुद्धियों को दूर करना होता है। इसे लिवर में स्थित खून के जरिए साफ करने का प्रयास किया जाता है, दवाईयां दी जाती है जो पेट में पहुंचकर पेट के खून को साफ करती है और खून सर्कुलेशन के जरिए पूरी बॉडी में पहुंच जाता है। और एक समय के बार पूरी बॉडी का खून साफ हो जाता है। अगर शरीर का रक्‍त साफ नहीं होता है तो प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है-

रक्‍त की शुद्धता के बाद, आप इन खाद्य पदार्था का सेवन अवश्‍य करें ताकि आपके शरीर का रक्‍त हमेशा शुद्ध बना रहें। इसे अलावा, सही जीवनशैली भी अपनाएं-

फाइबर युक्‍त भोजन खाएं, जिसमें ब्राउन राइस, सब्जियों और ताजे फलों को शामिल करें। चुकंदर, गाजर, शलजम, मूली, वंदगोभी, ब्रोकली, स्‍पीरयूलिना, क्‍लोरिल्‍ला और समुद्री शैवाल आदि को खाएं। इनमें गजब की रक्‍त साफ करने की क्षमता होती है-

कुछ जड़े भी रक्‍त को शुद्ध करने में सहायक होती है। इसके अलावा, हर्ब और ग्रीन टी भी रक्‍त को प्‍यूरीफाई करने में सहायक होती है-

विटामिन सी का सेवन करें। इससे शरीर में ग्‍लूथाथियोन की मात्रा बढ़ती है और लीवर के रक्‍त की शुद्धता बढ़ती है-

हर दिन में कम से कम दो लीटर पानी अवश्‍य पिएं-

गहरी सांस लें ताकि आपके फेफड़ों में अच्‍छे से ऑक्‍सीजन पहुंचे और रक्‍त का संचार सही से हो। हमेशा सकारात्‍मक भावनाएं रखें-

हर दिन कम से कम 5 मिनट के लिए गर्म पानी में स्‍नान करें। इसके बाद 30 सेकेंड के लिए ठंडे पानी से नहाएं। ऐसा कम से कम तीन बार करें। इ सके बाद आराम करें और 30 मिनट के लिए सो जाएं-

अपने शरीर में पसीने को आने दें। या कोई ऐसा काम करें ताकि आपकी बॉडी से पसीना निकले-

अपनी बॉडी से डेड स्‍कीन को निकाल दें। पैरों को पैडीक्‍योर और हाथों को मैनीक्‍योर करें। इससे छिद्र खुल जाते है और रक्‍त में संचार अच्‍छे से होता है-

सौंफ रक्त को साफ करने वाली एवं चर्मरोग नाशक है-

उपचार और प्रयोग-

Thursday, December 3, 2015

सर्दियाँ आ गई खाए ये आहार - Winter came to eat these foods

सर्दियों का समय वह समय होता है जब आपका मन गर्म-गर्म रजाई से निकलने का नहीं करता तो इस दौरान अपने खाने का विशेष ख्‍याल रखना चाहिये तो चलिए आपको बताते है कि क्या खाए आप सर्दियों के इस मौसम में -



हमें ऐसा आहार खाना चाहिये जो हमें सर्दियों के समय में गर्म रखे। ऐसे गरम मसाले तथा आहार जो शरीर को गर्मी पहुंचाते हैं उनका नियमित सेवन करने से हमें-आपको कभी भी बीमारी नहीं होगी-

सर्दियों में आप ठंड और सर्दी-जुखाम से दूर रहें इसके लिये आपको ऐसे आहार खाने चाहिये जो आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए। प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune system) किसी जीव के भीतर होने वाली उन जैविक प्रक्रियाओं का एक संग्रह है जो रोगजनकों और अर्बुद कोशिकाओं को पहले पहचान और फिर मार कर उस जीव की रोगों से रक्षा करती है-

गाजर(Carrots) खाने से त्‍वचा हेल्‍दी रहती है आंखों की रौशनी बढ़ती है रोग प्रतिरोधक छमता(Defense capabilities) बढती है जिससे सर्दियों में शरीर को ठंड नहीं लगती। यह एक गर्म आहार है तो जिसे आपको जरुर खाना चाहिये-



संतरा हो चाहे नींबू, इनमें ढेर सारा विटामिन सी होता है जिससे शरीर को पोषण और फ्लेवीनॉइड प्राप्‍त होता है। यह शरीर को बीमारियों से लड़ने में मदद दिलवाता है। साथ ही यह अच्‍छे कोलेस्‍ट्रॉल (Cholesterol ) को भी बढाता है। यह शरीर को गर्म रखने में मदद करता है।



चिकन और अंडे के सेवन से शरीर गर्म बना रहता है-



हर घर में भोजन में लहसुन और अदरक का प्रयोग जरुर किया जाता है। सर्दियों में इनके सेवन से सर्दी, जुखाम और कफ से राहत मिलती है। अगर आप मसाला चाय बना रही हैं तो उसमें अदरक डालना ना भूलें-



अमरुद में भी सिट्रस फल की तरह इसमें भी भारी मात्रा में विटामिन सी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक छमता बढता है। साथ ही इसमें पोटैशियम और मैगनीशियम होता है-



शक्‍कर की जगह पर शहद(Honey) का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। साथ ही यह खराश और ठंडक के लिये दवाई का भी काम करती है-



मेथी का साग विटामिन के, आयरन और फोलिक एसिड में अधिक होता है। इसे खाने से शरीर में खून बढ़ता है और शरीर गर्म रहता है-



अनार में काफी सारा एंटीऑक्‍सीडेंट आयरन, पोलिफिनॉल और विटामिन सी पाया जाता है। यह बुखार को कंट्रोल कर सकते हैं और ठंड लगने से बचाते हैं। इसे खाने से खून बनता है और ब्‍लॉक हुई धमनियां खुल जाती हैं-
उपचार और प्रयोग-

Wednesday, December 2, 2015

चेहरे के काले धब्बों पर सेम की पत्ती का रस लगाये - Bean leaf juice made The black spots on the face

सेम एक लता है। इसमें फलियां लगती हैं। फलियों की सब्जी खाई जाती है। इसकी पत्तियां चारे के रूप में प्रयोग की जा सकती हैं। आपको पता है कि ललौसी नामक त्वचा रोग सेम की पत्ती को संक्रमित स्थान पर रगड़ने मात्र से ठीक हो जाता है-



चेहरे के काले धब्बों पर सेम की पत्ती का रस लगाने से लाभ होता है.

वैद्यक में सेम मधुर, शीतल, भारी, बलकारी, वातकारक, दाहजनक, दीपन तथा पित्त और कफ का नाश करने वाली कही गई हैं।

वात कारक होने से इसे अजवाइन , हींग  , अदरक , मेथी पावडर और गरम मसाले के साथ फिल्टर्ड या कच्ची घानी के तेल में बनाए. सब्जी में गाजर मिलाने से भी वात नहीं बनता.

इसमें लौह तत्व , केल्शियम ,मेग्नेशियम , फोस्फोरस विटामिन ए आदि होते है.

इसके बीज भी शाक के रूप में खाए जाते हैं। इसकी दाल भी होती है। बीज में प्रोटीन की मात्रा पर्याप्त रहती है। उसी कारण इसमें पौष्टिकता आ जाती है।

सेम और इसकी पत्तियों का साग कब्ज़ दूर करता है.

सेम एक रक्तशोधक भी है, फुर्ती लाती है, शरीर मोटा करती है।

नाक के मस्सों पर सेम फली रगड़ कर फली को पानी में रखे. जैसे जैसे फली पानी में गलेगी , मस्से भी कम होते जाएंगे.

सेम की सब्जी खून साफ़ करती है और इससे होने वाले त्वचा के रोग ठीक करती है.

बिच्छु के डंक पर सेम की पत्ती का रस लगाने से ज़हर फैलता नहीं.

सेम के पत्तों का रस तलवों पर लगाने से बच्चों का बुखार उतरता है.

उपचार और प्रयोग-

पुरुषो में बढ़ता स्तन - Increased breast In men

आज ये बीमारी अब महिलाओं तक ही सीमित नहीं है अब एक प्रतिशत पुरुषो में भी देखने को मिल रही है पुरुषो में भी स्तन बढ़ने की समस्या आज जादा ही दिखाई पड़ने लगी है -उसका ख़ास कारण हमारे खान-पान का प्रभाव है -मार्केट में उपलब्ध हारमोंस इंजेक्सन द्वारा उगाई जाने वाली सब्जी और फलो का प्रभाव किशोरियों में ही नहीं पुरुषो में भी प्रभाव उत्पन्न कर रहा है -



पुरुष के बढे हुए स्तनों की मुसीबत वास्तव में है लेकिन कुछ मामले काफी कठिन है हो सकता है जब विशेष रूप से दर्दनाक उत्तेजना पुरुषों है। इसके अलावा, रोगियों द्वारा इस स्थिति के कारण परेशानी महसूस कर सकते हैं-

पुरुषों में ब्रेस्ट में वृद्धि पुरुष और महिला हॉर्मोन्स एंड्रोजेंस और ऑस्ट्रोजेन में असंतुलन के कारण होता है। इसे मेडिकल में गाइनेकोमैस्टिया के नाम से जाना जाता है। यह ज्यादातर 19 से 25 साल के लड़कों में होता है लेकिन कुछ मामलों में ज्यादा उम्र के पुरुषों में भी होता है। लोगों में एक आम गलत धारणा यह है कि पुरुषों में फीमेल हॉर्मोन्स नहीं होते। पुरुषों में फीमेल हॉर्मोन्स होते हैं लेकिन बहुत ही कम मात्रा में। हॉर्मोनल असंतुलन प्राकृतिक तौर पर तब होता है जब मरीज का शरीर फीमेल हॉर्मोन्स के प्रति ज्यादा संवेदशनशील होता है, लेकिन ऐसे मामले दुर्लभ हैं। ज्यादातर मामलों में इसका कारण बाहरी होता है, जैसे खराब पोषण, स्टेरॉयड और शारीरिक अक्षमता-

कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्यादातर दूध देने वाले और नॉन वेज के लिए प्रयोग किए जाने वाले जानवरों के तेज और ज्यादा उत्पादन के लिए उन्हें दिए जाने वाले ग्रोथ हॉर्मोन्स भी हॉर्मोनल अंसुतलन का कारण हैं। शारीरिक श्रम की कमी इस परेशानी को बढ़ाने वाली होती है-

कुछ लोग ज्यादा फिट होने और सुपरस्टार जैसा दिखने के लिए सिक्स पैक्स बनाने के चक्कर में शॉर्टकट अपनाते हैं और स्टेरॉड्स युक्त न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट्स का प्रयोग करते हैं। इन प्रॉडक्ट्स के प्रयोग से शरीर में एंड्रोजेंस पैदा होने लगता है। ऑस्ट्रोजेंस से जुड़ी ऐक्टिविटी में बढ़ोतरी पुरुषों में ब्रेस्ट की वृद्धि के रूप में सामने आती है-

भारत में 25 से 31 प्रतिशत महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित रहती हैं। ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं तक ही सीमित नहीं है, बल्कि एक रिसर्च के अनुसार सौ में एक पुरुष में भी ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं। इसलिए आज हम आपको ऐसे 7 फूड्स के बारे में बता रहे हैं, जिन्हें डाइट में शामिल करने से स्तन कैंसर जैसी बीमारी का खतरा कम हो जाता है।

कुछ सावधानी से आप इनसे काफी हद तक बच सकते है पुरुषो को ब्रेस्ट केंसर से बचने के लिए कुछ ये फूड्स खाना चाहिए -

पीले या नारंगी रंग के फलों और सब्जियों (पीली शिमला मिर्च, कद्दू और खरबूजे) में एक स्ट्रॉन्ग एंटी-ऑक्सीडेंट होता है, जो ब्रेस्ट कैंसर उत्पन्न करने वाले कारक को शरीर से बाहर करता है। इसलिए अपनी डाइट में रोज एक पीला फल या सब्जी शामिल कर ब्रेस्ट कैंसर के खतरे से बचा जा सकता है। येलो के अलावा हरी सब्जियां जैसे ब्रोकली और गोभी भी शरीर से ब्रेस्ट कैंसर के सेल्स को हटाती हैं।

महिलाओं के शरीर में बैड एस्ट्रोजेन्स का ज्यादा निर्माण होने से ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ती है। दालों में फाइबर की अधिक मात्रा होती है, जिनसे बैड एस्ट्रोजेन्स शरीर से दूर होते हैं। इसलिए दाल, चावल, ओट्स और दूसरे अनाज खाने से ब्रेस्ट कैंसर का खतरा कम होता है। साथ ही, फाइबर पाचन क्रिया को भी दुरुस्त रखता है। डाइट में फाइबर की अधिक मात्रा शामिल करने से हानिकारक टॉक्सिन्स शरीर से बाहर निकल जाते हैं।

अनार में आयरन और एंटी-ऑक्सीडेंट्स की भरपूर मात्रा तो होती ही है, साथ ही यह ब्रेस्ट कैंसर उत्पन्न करने वाले कारक जैसे एस्ट्रोजेन्स का निर्माण होने से रोकता है। अनार खाने का सबसे अच्छा तरीका है कि इसे छीलकर खाएं, लेकिन अगर आप इसके दानें निकालने में आलस करते हैं, तो इसका जूस भी फायदेमंद होता है।

बेरी (एवोकैडो, बरबेरी, ब्लूबेरी, अंगूर, स्ट्राबेरी और क्रैनबेरी आदि) न सिर्फ टेस्टी होती है, बल्कि इसमें मौजूद इलाजिक एसिड ब्रेस्ट कैंसर की संभावना को कम करता है। ब्रेस्ट कैंसर के अलावा बेरी से दूसरे टाइप के कैंसर होने का खतरा भी कम रहता है।

अखरोट में कई पोषक गुण होते हैं, जो शरीर के लिए हर तरह से फायदेमंद हैं। अखरोट में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण भी होते हैं, जो शरीर में कैंसर उत्पन्न करने वाले कारक ट्यूमर को बनने से रोकता है। आप अखरोट को नाश्ते में अंकुरित अनाज के साथ भी खा सकते हैं या शाम को स्नैक्स के रूप में भी।

ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण:-


आप खुद भी ब्रेस्ट में गांठ की पहचान कर सकते  हैं।  ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण क्या हो सकते हैं:-

ब्रेस्ट में गांठ और समय के साथ इसका आकार बढ़ना।

ब्रेस्ट का असामान्य तरीके से बढ़ना।

बगल में सूजन आना।

निप्पल का आकार बिगड़ना।

निप्पल का लाल पड़ना या उनसे खून आना।

इस प्रकार के लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ताकि  जांच के बाद  सुनिश्चित होने पे तुरंत उपाय किया जा सके .

इसके कारण:-


जैसे-जैसे उम्र बढ़ती जाती है, ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। लगभग 80 प्रतिशत महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की समस्या 50 साल के बाद शुरू होती है।

अगर परिवार में या क्लोज़ रिलेटिव में किसी को ब्रेस्ट कैंसर की समस्या है, तो यह बीमारी पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलती रहती है।

स्तन में किसी प्रकार के गांठ का बनना।

मोटापा स्तन कैंसर की एक बड़ी वजह बन सकती है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि ओवरवेट महिलाओं में पीरियड्स के दौरान हाई लेवल के एस्ट्रोजेन्स बनते हैं, जिससे कैंसर हो सकता है।

हेल्दी डाइट फॉलो करने के अलावा ब्रेस्ट कैंसर रोकने के कुछ दूसरे उपाय भी करने चाहिए, जैसे-

रेग्युलर एक्सरसाइज करें और शरीर को स्वस्थ रखें।

पुरुष एल्कोहल और स्मोकिंग से दूरी बना लें।

हार्मोन्स रिप्लेसमेंट थेरेपी न करवाएं। इससे ब्रेस्ट कैंसर की संभावना बढ़ती है।

रेग्युलर चेकअप करवाएं और ज़रा सा भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

जो महिलाएं किसी कारणवश अपने बच्चों को स्तनपान नहीं करा पातीं, उनमें ब्रेस्ट कैंसर होने का खतरा रहता है ।
उपचार और प्रयोग -http://www.upcharaurprayog.com

Tuesday, December 1, 2015

आज वोद्धिक स्तर क्या है - What is livelihood Boddhik today

पहले शिक्षा का रुप ही अलग था विद्यार्थी को समाज पढ़ाने के लिए साधन देता था उसका परिवार से संबंध नही रहता था पढ़ते समय वह समाज का रहता था वह घर- घर जाकर "माता भिक्षाम देहि" का उच्चारण करता था और उससे उसका तथा गुरु जी के घर का पालन पोषण होता था फलस्वरुप उसे समाज का ज्ञान होता था वह समाज का कष्ट समझता था तथा जब वह सेवा में आता था तब उसे उसके कष्ट जो उसने देखे थे महसूस होते थे उसमें तब वास्तविक ज्ञान या कहें कि सदवुद्धि का उदय होता था-



लेकिन आज का परिवेश बदल गया है -आजकल विल्कुल भी सदवुद्धि वाले लोग नही हैं तो यह गलत बात ही होगी किन्तु आज के समय में उनकीसंख्या बहुत ही कम है या कहे क्षेत्र में भी वड़े ही कम मिल सकेंगें। आज अधिकांशतः शिक्षित ऐसे हैं जो विनम्र,सरल और विद्यावान होने की अपेक्षा इसके उल्टे विचारों पर ही चल रहैं  हैं।ये लोग विना पड़े लिखे लोगो की अपेक्षा अधिक चालाक,अहंकारी,पाखण्डी, बेईमान व दूसरों को शोषित करने की व मूर्ख बनाने की  कला में निपुण होते जा रहे हैं।

आज के प्राणियों की वोद्धिक स्तर पर  तुलना करने पर हम उसे दो भागों में बाँट सकते है- इन प्रकारों में एक प्रकार के  प्राणीं वुद्धिमान और दूसरे प्रकार के  मूर्ख कहलाते हैं।किन्तु बुद्धिमान  भी  दो प्रकार के होते हैं। एक वु्द्धिमान व दूसरे सदवु्द्धि मान और वुद्धि जव केवल स्वार्थपरक हो तो यह चालाकी कहलाती है किन्तु जव यही समझदारी के साथ प्रयोग हो तो यही सदवुद्धि कहलाती है।आजकल जमाना चालाकी वाला होने के कारण ही दुनिया में पाप व अनाचार वढ़ रहा है।क्योंकि जो जो शिक्षित होता जा रहा है वह चालाकी में दम भर रहा है।शिक्षा का रुप अब वदल रहा है।इसी कारण जैसी शिक्षा मिल रही है वह वुद्धिवाद बढ़ा रही है फलस्वरुप मानव अपने ही हाथों प्रकृति का दोहन न करके उसे समाप्त करने पर तुला है -

इसी के चलते नागरिकता का लोप होता जा रहा है प्रत्येक व्यक्ति किसी भी प्रकार अपना लाभ करने के लिए देश का समाज का कितना भी नुकसान करने पर उताऱु है। मेरा एक रुपये का काम बन रहा है चाहें दुसरे का 10000 या अधिक का ही नुकसान क्यों न हो- में अपना फायदा लेने के लिए कर दूँगा एसी भावनाए जव लोगों में उदित होने लगे तो समझों समाज के विनाश का समय आ गया है औऱ ऐसा ही आजकल हो रहा है।

भोजन की सात्विकता की महिमा का वर्णन किया है।और खादय पदार्थो व कार्यों का सत्, रज् व तम में बँटवारा करके मानव को कुछ भी खाने व करने से पहले सचेत किया है ।और हर बार आप यह पाऐंगे कि यह विचार विल्कुल सही ही कह रहें हैं।आज कल का खान पान व्यक्ति न चाहते हुये भी कई चीजों का देखने दिखाने के चक्कर में गलत का सेवन कर लेता है जिसका प्रभाव या तो रोगों के रुप में खुद को छेलना पड़ता है या फिर समाज को उसका प्रभाव दिखाई देता है ।

वुद्धि यदि सतोगुणी नही है तो आपको सफलता व सांसारिक व्यवहार कुशलता तो मिल सकती है किन्तु साथ में उलझन ,दिखावा ,तिकड़म-वाजी ,तनाव व छल-कपट भी प्रसाद रुप में प्राप्त होगें ही जवकि सदवुद्धि समझदारी,दायित्व-वोध,सुकर्म,ईमानदारी,तत्व-ज्ञान,आध्यात्मिक शक्ति,मन की शक्ति ,शान्ति और परमात्मा के प्रति प्रेम पाने की प्रेरणा भी देती है।

उपचार और प्रयोग-

एक परिचय फेसबुक की आतंकवादी प्रोफाइल से - Facebook's terrorist profiles an introduction

हमारे देश के लिए ही नहीं घातक है ये आतंकवादी -येसे ही कुछ हमारी सोसल साईट पे भी एक्टिव है कुछ आतंकवादी प्रोफाइल -हमारे आपके बीच भी फेसबुक में होती है कुछ आतंकवादी प्रोफाइल-





ये प्रोफाइल कुछ खास स्मार्ट लोगो की होती है जिनके बारे में आप एक बार समझ ले- कि एक बार अगर गलती से भी इस तरह के लोग आपकी मित्र सूचि में जुड़ गए और एडमिन ने अपने ग्रुप में एड कर दिया तो आप सर भी पटक ले फिर भी आप अपनी लिस्ट से हटाने में कामयाब नहीं हो सकते है . क्युकि उनका सबसे पहला काम ग्रुप एडमिन को ही ब्लाक करना होता है एडमिन को ब्लाक करके जो भी मन चाही पोस्ट या कमेन्ट करेगे सभी को दीखता है सिर्फ एडमिन को छोड़कर ....!


यदि आप कोई ग्रुप चला रहे है और इस तरह की प्रोफाइल के लोग उसमे जुड जाते है तो वो अपना मनमाना आतंक फैला सकते है और आप इनका कुछ भी नहीं कर सकते है ...!


जरा सी गलती से ये आतंवादी प्रोफाइल आपके ग्रुप को खराब कर सकता है और आप समझ भी नहीं सकते है ...!


जी हाँ ...में सच कह रहा हूँ कालेज के स्टूडेंट है इस काम में सक्रीय है जिनका काम है आपके ग्रुप को बर्बाद करना ...इनसे सावधान रहे- आप अपने ग्रुप में किसी प्रोफाइल को सर्च करके भी एड करेगे तो भी कोई फायदा नहीं होगा ..!


येसी प्रोफाइल जब आपकी मित्रता के लिए रेकुएस्ट करती है तो किसी भी प्रतिष्ठित व्यक्ति की फोटो या सरल सज्जन व्यक्ति की फोटो या भगवान की फोटो लगा लेती है और जब आप उनकी मित्रता स्वीकार कर लेते है या ग्रुप में उनको एड कर देते है फिर शुरू होता है उनका खेल ...ये आपको या आपके ग्रुप के सभी एडमिन को सर्च करके सभी को ब्लाक कर देती है ..!


अब समस्या ये है कि आप उनको दुबारा उस ग्रुप में नहीं देख सकते है लेकिन आतंकवादी प्रोफाइल आपके ग्रुप के सभी मेम्बर को देख सकती है और आपके मित्रों को भी देख सकती है .....इनका काम रात को शुरू होता है ये दिन भर अपनी प्रोफाइल को डी- एक्टिव ही रखते है ...!


आप जब नींद के आगोश में होते है तब ये अपनी मनमानी की न्यूड पोस्ट विडियो डालते है आप को पता ही नहीं होता है और उस पोस्ट पे की जाने वाली कमेन्ट भी आपको नहीं दिखती है ...आपके ग्रुप में जो सामाजिक मेम्बर होते है वो अगर उस पोस्ट पे कमेन्ट करके अपनी आपत्ति भी एडमिन के लिए करते है तो भी वो आपको सामाजिक लोगो के कमेन्ट नहीं दिखते है ...और लोग ये समझ लेते है कि इस ग्रुप का एडमिन जिम्मेदार नहीं और आपके ग्रुप को छोड कर लोग चले जाते है ...इसी प्रकार ये आतंकवादी प्रोफाइल आपको जलील हरकतों से सभी की नजरो में गिरा देते है-


इसलिए आप मित्रता करे मगर कोशिश ये करे कि जाने समझे सोचे और फिर जोड़े ...अगर रेकुएस्ट आती भी है कुछ दिन पेंडिंग रहने दे उसकी प्रोफाइल पे बार-बार नजर रक्खे अगर वो प्रोफाइल डी एक्टिव होती है तो आप उसे पहले ही ब्लाक कर दे और आप समझे कि एक को हलाक किया -


अब रही बात की आप अपने ग्रुप को केसे बचा सकते है और क्या सावधनियां रखनी पड़ती है ये एक राज की बात है जो आप मुझ तक रहने दे क्युकि ये सिर्फ ग्रुप एडमिन के काम की चीज है ...वो मुझसे इन्बोक्स में भी पूछ सकते है ..! अगर यहाँ बता दिया तो स्मार्ट लोग इस नुस्खे पे भी अमल कर लेगे और आप तब भी उनका कुछ नहीं कर सकते है ..!



उपचार और प्रयोग -

आप पता लगाए फेक आईडी का - Detection of fake IDs you

आज कल फेसबुक पर फर्जी आईडी बनानें वालों की आज कोई कमी नहीं है। युवक फर्जी गर्ल आईडी बना कर दूसरों से बातें करते हैं। ऐसे में आपको पता नहीं चलता कि फेसबुक फर्जी है या नहीं। आप ऐसे फर्जी आईडी का पता लगा सकते हैं-



फेक आईडी पकड़ने के लिए सबसे पहले उस अकाउंट की प्रोफाइल फोटो पर गौर करें। अगर पूरे अकाउंट में सिर्फ एक ही प्रोफाइल फोटो हो, तो यह साफ हो जाता है कि वह फेक या फर्जी फेसबुक अकाउंट है-

फेक आईडी की सबसे बड़ी पकड़ यह है कि ऐसे आईडी वाले लोग लम्बे समय तक अपना स्टे्टस अपडेट नहीं करते हैं। ऐसा फेसबुक अकाउंट जिसके द्वारा ना तो कोई वॉल पोस्ट की गई हो ना किसी फ्रेंड के स्टेट्स पर कमैंट किया हो, तो यह निष्कर्ष निकलता है कि वह फेक अकाउंट है और अपनी पहचान जाहिर ना हो इसलिए कोई एक्टिविटी नहीं कर रहा है-

प्रोफाइल फोटो, स्टेट्स अपडेट के बाद आपको संभावित फेक आईडी की रिसेंट एक्टिविटीज पर गौर करना चाहिए। यूजर आपके फ्रेंड्स को ही एड कर रहा है और नए फ्रेंड्स बना रहा है और उसने किसी फेसबुक पेज या फिर गु्रप को ज्वॉइन नहीं कर रखा है, तो यह साफ हो जाता है कि वह केवल फ्रेंड्स की संख्या बढ़ाने में लगा है और फेक आईडी से काम कर रहा है-

फेक फेसबुक आईडी की पहचान में उसकी फ्रेंड लिस्ट भी काफी मदद करती है। अगर संभावित आईडी के फ्रेंड्स में अपोजिट सेक्स के लोग बहुत ज्यादा हैं, तो समझा जाता है कि वह फेसबुक अकाउंट फर्जी है। विपरीत लिंग के लोगों का किसी प्रोफाइल में ज्यादा जुड़ा होना यह भी बताता है कि वह या तो मजे के लिए बनाया गया आईडी है या फिर डेटिंग के लिए लोगों को फांस रहा है-

इन सब हथियारों पर किसी आईडी को परखने के बाद आपको उस फेक लगने वाली आईडी का "अबाउट" पेज देखना चाहिए। अगर यूजर ने अपनी स्कूल, कॉलेज, काम की जगह, रहने का स्थान जैसी जानकारियां नहीं दे रखीं हैं और डेटिंग ऑप्शन को ऑन किया हुआ है और महिला, पुरूष दोनों में इंट्रेस्टेड है, तो यह भांपने में देर नहीं लगानी चाहिए कि वह आईडी फर्जी या फेक है-

फर्जी फेसबुक अकाउंट्स की सबसे कॉमन या आम हरकत यह होती है कि ये लोग जन्म दिनांक एक ही तरह से यूज करते हैं। जैसे कि 1-1-1990/1996 इत्यादि या फिर 31-12-1990/1996 इत्यादि। ऐसा करने की वजह होती है जो फर्जी जन्म दिनांक उन्होंने यूज करी है वह उनको याद रहे। और इसके हिसाब से वे अपनी उम्र कम ज्यादा करके बताकर लोगों को फंसा सके-

बहुत से युवक यह देखकर अतिप्रसन्न हो जाते हैं कि किसी गर्ल फेसबुक आईडी ने अपना मोबाइल नंबर भी कांटेक्ट इंफो में दे रखा है। फेक फेसबुक प्रोफाइल्स में यह बात आम है लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि कोई भी आम लड़की अपने मोबाइल नंबर जनता में बांटेगी क्या? इसलिए विचार करें कि कोई भी ऎसी जानकारी जो लोग देना कम पसंद करते हैं, वह कोई क्यों दे रहा है-

किसी भी प्रोफाइल की रिसेंट वॉल पोस्ट पर ध्यान दीजिए। अगर बहुत सारे लोग इन्हें थैंक्यू फॉर द एड मी, डू आई नो यू जैसे मैसेज पोस्ट कर रहे हैं और ऐसे प्रश्नों और कम्प्लीमेंट्स का कोई जवाब नहीं दिया जा रहा, तो ऐसी प्रोफाइल के फर्जी होने के चांसेज बेहद ज्यादा हैं-

फेसबुक पर रहने वाला कमोबेश हर बंदा किसी ने किसी एप्प को जरूर यूज करता है या फिर लाइक करता है। जैसे कैंडी क्रश सागा, तीन पत्ती इत्यादि। ये प्रोफाइल अपने दोस्तों और नजदीकी रिश्तेदारों को भी एप्प यूज करने की रिक्वेस्ट भेजते हैं। अगर किसी प्रोफाइल में ऐसा देखने को नहीं मिले, तो समझिए कुछ गड़बड़ है। हालांकि यह केवल अकेला ऐसा कारण नहीं है जिससे फेक आईडी को जान सकें लेकिन फेक आईडी पकड़ने में मदद जरूर करती है-

अगर आपको पूरा यकीन हो चुका है कि कोई फेसबुक अकाउंट फर्जी है, तो गूगल में उसकी प्रोफाइल फोटो को तलाश करें। अमूमन फेक प्रोफाइल फोटोज को गूगल सलेक्ट कर लेता है और अपने पास स्टोर कर लेता है। जब आप ऎसी फोटो को गूगल इमेज में लेजाकर ड्रॉप करते हैं, तो गूगल उसकी पूरी हिस्ट्री बताने के साथ फेक या ओरिजनल की तस्वीर साफ कर देता है-

आभार पोस्ट :-


उपचार और प्रयोग-