Tuesday, December 15, 2015

दाढ़ी के बाल कम है - The hair is short beard

वैसे बिना दाढ़ी वाले चिकने और सपाट चेहरे में भी चुंबकीय आकर्षण होता है, बावजूद इसके कुछ पुरुषों को दाढ़ी से लगाव होता है। बड़ी संख्या में पुरुष अलग-अलग स्टाइल में दाढ़ी रखना पसंद करते हैं और उसे अलग-अलग तरह से उगाते भी हैं। ऐतिहासिक रूप से दाढ़ी को शक्ति का प्रतीक माना गया है। कड़ी और मजबूत दाढ़ी पुरुषों के ताकत से जुड़ी होती है। दाढ़ी मर्दानगी का प्रतीक है और हर पुरुष ऐसी दाढ़ी रखने में सफल नहीं हो पाते हैं-
दाढ़ी के बाल कम है - The hair is short beard

दाढ़ी को बढ़ाना किसी की भी जिंदगी का एक खुशनुमा राज हो सकता है। सारे पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाने का आसान तरीका पता नहीं होता है। हालांकि कुछ ऐसे तरीके हैं, जिसे अपनाकर आप दाढ़ी की वृद्धि दर को थोड़ा बढ़ा सकते हैं। दाढ़ी के बढऩे की गति और इसका घनापन आपकी उम्र और जेनेटिक पर निर्भर करेगा।
किसी किसी की दाढ़ी तेजी से बढ़ती है तो किसी की बिल्‍कुल ही नहीं बढ़ती, और किसी की बढ़ती भी है तो चेहरे के कुछ ही भाग पर।सामान्‍य रूप से दाढ़ी बढ़ाने के लिये युवक एक ही नुस्‍खा अपनाते हैं और वह है शेविंग। शेविंग जैसे नुस्‍खे अपना कर युवा वर्ग एक हद तक इस समस्‍या से निजात तो पा जाते हैं मगर चेहरे के अलग अलग हिस्‍सों की दाढ़ी जैसी समस्‍या से निजात नहीं मिल पाती।
हर युवक की यह कामना होती है उसकी दाढ़ी बढ जाये। मगर कभी कभी हारमोनल की कमी के कारण ऐसा नहीं हो पाता।अगर आप अपनी दाढ़ी को तेजी से बढ़ाना और मजबूत बनाना चाहते हैं तो आपको इसकी ठीक ढंग से देखभाल करनी होगी। दाढ़ी को जल्दी बढ़ाने के लिए जिंदगी की अन्य चीजों की तरह ही इसे भी जरूरी चीजें मुहैया करानी होगी और इसपर भी बराबर ध्यान देना होगा। अगर आप हफ्ते में कम से कम एक बार चेहरे की त्वचा का एक्सफोलिएशन करेंगे तो इससे दाढ़ी को तेजी से बढऩे में मदद मिलेगी। साथ ही आपको कुछ तेल के जरिए चेहरे का मसाज भी करना होगा, ताकि दाढ़ी को जरूरी पोषण मिले और इसे तेजी से बढऩे में मदद मिले।

कुछ ऐसे उपाय है आप इनको करे तो आपकी समस्या का समाधान हो सकता है :-
  1. ज्यदा प्रोटीन वाले भोजन खाना, तनाव न लेना और ज्यादा सोना दाढ़ी को तेजी से बढ़ने में मदद कर सकता है। प्रोटीन शरीर को ऐसे पौष्टिक तत्व उपलब्ध कराता है जो ज्यादा बालों को उगाता है और सोना इसलिए जरूरी है क्योंकि इसी समय पौष्टिक तत्व अपना काम करता है। साथ ही दिन में 8 ग्लास पानी पीने से भी घने और स्वस्थ बालों के विकास में मदद मिलेगी। बालों को झड़ने से रोकने के लिए जहां तक हो सके तनावमुक्त रहने की कोशिश करें।
  2. अपने आहार और ब्यूटी प्रोडक्ट में विटामिन बी को शामिल करें। विटामिन बी1, बी6 और बी12 भी बालों को जल्दी बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही रोज बायोटीन का सेवन करें। यह भी बालों और नाखुनों को तेजी से बढ़ाने के लिए जाना जाता है। 
  3. प्राकृतिक रूप से घनी दाढ़ी पाने के लिये शेविंग एक अच्‍छा उपाय है। अगर आपके दाढी के बालों का विकास धीमी रफ्तार से हो रहा है तो बेहतर होगा कि एक सप्‍ताह में तीन बार शेविंग करें। 
  4. उल्‍टी दिशा में शेविंग करना ज्‍यादा असरदार होगा। इस तरह शेविंग करने से आपके बाल की विकास भी तेजी से होगी और आप जल्‍दी घनी दाढ़ी भी पा सकेंगे।अच्‍छा होगा कि आप उपर से नीचे की तरफ या फिर दायें से बायें तरफ शेविंग करें। मगर इस तरह की तकनीक अपनाने से पहले सावधान रहें क्‍योंकि रेजर से आपके स्किन कट भी सकती है।
  5. चेहरे की बाल को बढ़ाने के लिये आंवले का तेल से चेहरे की मालिश करना एक अच्‍छा विकल्‍प है। आंवले की तेल से रोजाना अपने चेहरे की 20 मिनट तक मसाज करें और फिर उसे ठंडे पानी से धुल लें।
  6. आंवले की तेल के साथ सरसो की पत्‍ती को मिलाकर भी मसाज किया जा सकता है। इसके लिये पहले आप सरसो की पत्‍ती का पेस्‍ट बना लें और फिर उसमें एकाद बूंद आंवला तेल मिक्‍स करें। इसके बाद उस पेस्‍ट को दाढ़ी वाले हिस्‍से पर लगायें और 20 मिनट के लिये छोड़ दें। ठंडे पानी से चेहरे को धुल कर उसे साफ कपड़े से साफ करें। ऐसा सप्‍ताह में 3 या 4 बार करने से आप घनी दाढी पा सकते हैं।
  7. दालचीनी के पाउडर में नीबू का रस मिलाकर पेस्‍ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर लगाये और 15 मिनट के लिये छोड़ दें। फिर ठंडे पानी से चेहरा साफ कर सूती कपड़े से पोछ लें। ऐसा करने से आपके चेहरे की मासूमियत और नमी बनी रहेगी। हफ्ते में दो बार करने से घनी दाढ़ी और मासूमियत दोनों आसनी से पाया जा सकता है।
  8. शेविंग के अलावा ट्रिमिंग के जरिये भी आप घनी दाढ़ी पा सकते हैं। ट्रिमिंग से आपको अनचाहें बालों से छुटकारा भी मिल जायेगा और आप के बालों की विकास भी तेजी से होगी।

Monday, December 14, 2015

कष्टार्तव अर्थात मासिक धर्म कष्ट का आना

कष्टार्तव (मासिक धर्म कष्ट से आना)

10 ग्राम अजवाइन को 100 ग्राम गुड़ के साथ लोहे की कड़ाही में घी डालकर हलवा बनायें। इस हलवे को 2-3 बार सेवन करने से मासिक धर्म की पीड़ा नष्ट हो जाती है।

कम उम्र और गंजापन की समस्या का समाधान

हमारे भोजन में कतिपय ऐसे मिनरल्स पाये जाते हैं जिनका गंजापन विरोधी प्रभाव होता है। सबसे महत्वपूर्ण तत्व जो गंजापन दूर कर सकते हैं वे हैं- जिंक, कापर ,लोह तत्व और सिलिका. जिंक में गंजापन नष्ट करने वाले तत्व पाये जाते हैं। केले, अंजीर,बेंगन ,आलू और स्ट्राबेरी में जिंक की संतोषप्रद मात्रा निहित होती है।
कम उम्र और गंजापन की समस्या का समाधान
कम उम्र और गंजापन की समस्या का समाधान
कॉपर या ताँबा हमारे इम्युनसिस्टम को को मजबूत करते हुए बालों की सुरक्षा करता है। रक्त में हीमोग्लोबिन की वृद्धि के लिये कॉपर सहायता करता है। दालें,सोयाबीन और वालनट आदि में कॉपर तत्व पाया जाता है। लोह तत्व बालों की सुरक्षा और पोषण के लिये आवश्यक है। मटर,गाजर, चिकोरी, ककडी,और पालक में पर्याप्त आयरन होता है। अपने भोजन में इन्हें शामिल करना उचित है। सिलिका तत्व चावल और आम में मौजूद रहता है।
गंजेपन का उपचार:-
  1. उड़द की दाल को उबाल कर पीस लें। रात को सोते समय इस पिट्ठी का लेप सिर पर कुछ दिनों तक करते रहने से गंजापन समाप्त हो जाता है।
  2. मेथी को पूरी रात भिगो दें और सुबह उसे गाढ़ी दही में मिला कर अपने बालों और जड़ो में लगाएं। उसके बाद बालों को धो लें इससे रूसी और सिर की त्वचा में जो भी समस्या होगी वह दूर हो जाएगी। मेथी में निकोटिनिक एसिड और प्रोटीन पाया जाता है जो बालों की जड़ो को प्रोषण पहुंचाता है और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाता है। इसके प्रयोग से सूखे और डैमेज बाल भी ठीक हो जाते हैं।
  3. हरे धनिए का लेप जिस स्थान पर बाल उड़ गए हैं, वहां करने से बाल उगने लगते हैं।
  4. थोड़ी सी मुलैठी को दूध में पीसकर, फिर उसमें चुटकी भर केसर डाल कर उसका पेस्ट बनाकर सोते समय सिर में लगाने से गंजेपन की समस्या दूर होती है।
  5. केले का गूदा निकालकर उसे नीँबू के रस में मिलाकर सिर पर लगाने से बालों के उडने की समस्या में लाभ होता है।
  6. अनार की पती पीसकर पर लगाने से गंजेपन का निवारण होता है।
  7. प्याज काटकर दो भाग करें। आधे प्याज को सिर पर 5 मिनिट रोज रगडें, बाल आने लगेंगे।

उपचार में पान का औषधीय प्रयोग

उपचार में पान का औषधीय प्रयोग
उपचार में पान का औषधीय प्रयोग
  1. पान का रोगों को दूर भगाने में भी बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जाता है
  2. खाना खाने के बाद और मुंह का जायका बनाए रखने के लिए पान बहुत ही कारगर है। कई बीमारियों के उपचार में पान का इस्तेमाल लाभप्रद माना जाता है।
  3. पान में दस ग्राम कपूर को लेकर दिन में तीन-चार बार चबाने से पायरिया की शिकायत दूर हो जाती है। इसके इस्तेमाल में एक सावधानी रखना जरूरी होती है कि पान की पीक पेट में न जाने पाए।
  4. चोट लगने पर पान को गर्म करके परत-परत करके चोट वाली जगह पर बांध लेना चाहिए। इससे कुछ ही घंटों में दर्द दूर हो जाता है। खांसी आती हो तो गर्म हल्दी को पान में लपेटकर चबाएं।
  5. यदि खांसी रात में बढ़ जाती हो तो हल्दी की जगह इसमें अजवाइन डालकर चबाना चाहिए। यदि किडनी खराब हो तो पान का इस्तेमाल बगैर कुछ मिलाए करना चाहिए। इस दौरान मसाले, मिर्च एवं शराब (मांस एवं अंडा भी) से पूरा परहेज रखना जरूरी है।
  6. जलने या छाले पड़ने पर पान के रस को गर्म करके लगाने से छाले ठीक हो जाते हैं। पीलिया ज्वर और कब्ज में भी पान का इस्तेमाल बहुत फायदेमंद होता है। जुकाम होने पर पान में लौंग डालकर खाने से जुकाम जल्दी पक जाता है। श्वास नली की बीमारियों में भी पान का इस्तेमाल अत्यंत कारगर है। इसमें पान का तेल गर्म करके सीने पर लगातार एक हफ्ते तक लगाना चाहिए।
  7. पान में मुलेठी डालकर खाने से मन पर अच्छा असर पड़ता है। यूं तो हमारे देश में कई तरह के पान मिलते हैं। इनमें मगही, बनारसी, गंगातीरी और देशी पान दवाइयों के रूप में ज्यादा कारगर सिद्ध होते हैं। भूख बढ़ाने, प्यास बुझाने और मसूड़ों की समस्या से निजात पाने में बनारसी एवं देशी पान फायदेमंद साबित होता है।चेतावनी :कत्थे का प्रयोग मुंह के कैंसर का कारण भी हो सकता है। यहां सिर्फ पान के औषधीय महत्व की जानकारी दी गई है।

महिलाओं में कमर दर्द दूर करने के घरेलू उपाय

कमर दर्द महिलाओं को अक्सर होने वाली समस्या है। ज्यादा देर तक बैठे-बैठे कार्य करना, खड़े रहना, बैठना या कार्य करने का गलत ढंग, नरम गद्दों पर सोने, एकाएक गलत तरीके से भारी वजन उठा लेने इत्यादि विभिन्न कारणों से कमर दर्द हो सकता है। पेशीय खिंचाव या मानसिक तनाव के कारण भी कमर दर्द हो सकता है। महिलाओं में गर्भाशय के विभिन्न विकारों से भी कमर दर्द की शिकायत होती है।
महिलाओं में कमर दर्द दूर करने के घरेलू उपाय
लक्षण :- कमर में घोर पीड़ा, टनटनाहट, उठने-बैठने में कष्ट, सुबह उठने पर कमर दर्द ज्यादा होना, झुकने पर कमर दर्द का होना इत्यादि प्रमुख लक्षण है। इस रोग में विशेष बात यह ध्यान रखने की है कि आप कुर्सी पर या जमीन पर जब भी बैठे, सीधे सतर्क ही बैठें। सोने के लिए सख्त बिस्तर ही काम में लें।

कमर दर्द से बचने के लिए कुछ विशेष नियम इस प्रकार है :-
  1. एक चम्मच नींबू का रस,एक चम्मच लहसुन रस, दो चम्मच पानी सब मिलाकर दिन में दो बार पिये। कमर दर्द ठीक होगा।
  2. सरसों का तेल सौ ग्राम देशी कपूर बीस ग्राम दोनों मिलाकर शीशी में भर दें कपूर गलने पर उस तेल की मालिश करें। मेथी की सब्जी खाने से लाभ होता है।
  3. अदरक के रस में घी मिलाकर पिये कमर दर्द ठीक होगा।
  4. जायफल को पानी में पिसकर तिल के तेल के साथ अच्छी तरह गर्म करें। फिर सहता हुआ रख कर कमर की मालिश करें। तीन-चार वर्ष पुराना मिर्च का आचार का तेल एक चम्मच कोई दूसरा तेल दस चम्मच मिलाकर किसी भी दर्द वाले स्थान पर मालिश करें।
  5. मिट्टी के तेल से कमर पर रात को मालिश करें। दर्द ठीक होगा।
  6. गेहूं की रोटी एक ओर से सेंक लें और एक से कच्ची रखें। कच्ची की ओर तिल का तेल लगाकर दर्द वाली जगह पर बांध लें।
  7. रात में 60 ग्राम गेहूं के दाने पानी में भिगो दें। सुबह गेहूं के भीगे हुए इन दानों के साथ 30 ग्राम खसखस तथा 30 ग्राम धनिये की मींगी मिलाकर बारीक पीस लें। इस चटनी को दूध में पका लें और खीर बना लें। इस आवश्यकतानुसार 10 -15 दिन तक खाने से कमर दर्द दूर होकर ताकत बढ़ती है। इससे पाचन शक्ति की कमजोरी भी मिटती है।
  8. खसखस और मिश्री दोनों बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीसकर चूर्ण बना लें। 6 ग्राम पूर्ण प्रतिदिन सुबह-शाम खाएं और ऊपर से गर्म दूध पीएं।
  9. तारपीन के तेल की मालिश करें। चावल, माह की दाल, मैदा आदि की बनी हुई और तली हुई चीजें न खाएं। गर्म पानी पीएं। यदि ठंडा पानी पीना हो तो उबलते हुए पानी में चार तुलसी के पत्ते अथवा एक बड़ी इलायची या दो छोटी इलायची पीसकर डाल दें। फिर सुबह का उबाला हुआ पानी शाम तक पीएं और शाम का सुबह तक।
  10. कमर दर्द, घुटनों का दर्द और गठिया में हर रोज प्रात: खाली पेट तीन-चार अखरोट की गिरियों को अच्छी तरह चबाकर खाने से बहुत लाभ होता है और रक्त शुध्द होता है। लगातार दो सप्ताह तक खाएं।
  11. दूध में सौठ का चूर्ण डालकर सुबह-शाम लेने से कटिशूल मिटता है।
  12. अजवायन को किसी साफ वस्त्र में लेकर उसकी पोटली बनाकर तवे पर गर्म करें तथा कमर पर उसका सेंक दें।
  13. पानी में पिसा हुआ जीरा और शक्कर मिलाकर नियमित सेवन करने से कुछ ही दिनों में कमर का दर्द और प्रदर संबंधी रोग दूर हो जाते हैं।
  14. एक किलो सरसों के तेल में 250 ग्राम लहसुन , 50 ग्राम अजवाइन , 20 ग्राम लौंग डालकर आग पर तब तक गर्म करें, जब तक कि सभी सामान जल न जाए। इस तेल को छानकर शीशी में भर लें और दिन में दो बार मालिश करें।

बालो के लिए मेथी कैसे काम करती है

बालो के लिए मेथी कैसे काम करती है

आज कल बाल झड़ने की समस्‍या बिल्‍कुल आम हो गई है और देखा गया है कि इसकी ज्‍यादा शिकार महिलाएं हो रही हैं।पुरुषो में भी ये कम नहीं है -आज कल के खान-पान का प्रभाव ,मिलावटी तेल ,इंजेक्शन लगी सब्जियां ,पावडर पालिस के फल, जंक फ़ूड, रेडी टू ईट और उपयुक्त विटामिन का न मिल पाना एक विशेष कारण भी इसका प्रभाव है -

वैसे भी बाल झड़ने की कोई उम्र नहीं होती, पर अगर आप इस पर अभी से ध्‍यान देना शुरु कर दें तो इससे आपकी बाल झाड़ने की समस्या को दूर किया जा सकता है। मेथी या फिर मेथी की पत्तिया इस समस्‍या का समाधान कर सकती हैं। मेथी में ऐसे कई गुण होते हैं जो सिर की त्‍वचा में नमी पैदा करते है और रुसी तथा बाल झड़ने की समस्‍या को दूर करने के साथ नये बाल उगने में भी सहायता करते है।

 इस प्राकृतिक जड़ी बूटी में कुछ औषधीय गुण हैं जो गंजेपन की समस्‍याएं, बाल झड़ने और पतले बालों की समस्‍या को दूर करने में सक्षम हैं। मेथी को उपयोग करने का सबसे बेहतर तरीका है- कि इसके दानों को गरम पानी में उबाल लें और फिर इसको पीस कर पेस्‍ट तैयार करें और बालों की जड़ों में लगाएं। इससे देखते ही देखते कुछ ही दिनों में आपके बाल झड़ने की समस्या खत्म हो जायेगी और साथ ही नये बाल भी उगने लगेंगे।

आखिर ये मेथी कैसे काम करती है:- चूँकि मेथी में निकोटिनिक एसिड और प्रोटीन पाया जाता है जो बालों की जड़ो को प्रोषण पहुंचाता है और बालों की ग्रोथ को भी बढ़ाता है। इसके प्रयोग से सूखे और डैमेज बाल भी ठीक हो जाते हैं।

इसे कैसे प्रयोग करें:-
  1. मेथी को रात भर गरम नारियल तेल में भिगो कर रख दें। सुबह इसी तेल से अपने सिर पर 5-10 मिनट तक मसाज करें और गरम पानी से सिर धो लें।
  2. एक दूसरा उपाय है कि मेथी को पूरी रात भिगो दें और सुबह उसे गाढ़ी दही में मिला कर अपने बालों और जड़ो में लगाएं। उसके बाद बालों को धो लें इससे रुसी और सिर की त्‍वचा में जो भी समस्‍या होगी वह दूर हो जाएगी।
  3. मेथी या फिर इसकी पत्तियों को गुणहल के फूल के साथ मिला कर लगाने से बालों में कंडीश्‍निंग होगी और सिर को ठंडक का एहसास होगा।
  4. सबसें अच्छा तरीका ये भी है मेथी की पत्तियों को भोजन के रूप में अधिक से अधिक खाया जाये इससे आपको बाल स्वस्थ्य रखने के लिए जरूरी तत्व मिल जायेंगे और ऐसे में आपके बाल ना तो झड़ेंगे और ना ही टूटेंगे।
  5. वैसे भी मेथी सुगमता से मिलने वाली चीज है ऐसे में क्यों ना हम अधिक से अधिक मेथी का प्रयोग करें और खुद को और अपने बालों को सेहत मय बनाये रखें।

गठिया रोग का उपचार

गठिया रोग का उपचार
  1. इस बीमारी में सेब एक वरदान के समान है। रोज एक सेब या फिर सेब का रस पीने से इस रोगे में लाभ मिलता है। इसके रस में एंटीऑक्‍सीडेंट पाया जाता है जिससे जोड़ो की सूजन में कमी आती है और गठिया ठीक हो जाता है।
  2. नींबू भी इस बीमारी में एक विषहरण का कार्य करता है। रोज दिन भर में तीन बार नींबू का रस पीने से लाभ मिलेगा। आप चाहें तो मुसम्‍मी का जूस भी पी सकते हैं यह भी इसी प्रकार कार्य करने में उत्‍तम है।
  3. ताज़े फलों का रस जैसे कि गाजर, चुकंदर, लौकी और खीरा रक्त शुद्ध कर के धीरे-धीरे दर्द को कम कर देते हैं। 
  4. गरम पानी में थोडा सा सेंधा नमक डाल कर उसमें अपने पैर को दो बार दिन में सेकें जिससे दर्द के साथ जोडों की सूजन में कमी आए। 
  5. जिस जगहं पर दर्द रहता है वहां पर अदरक हल्‍दी पेस्‍ट से मसाज करें। यह जहां पर भी यूरिक एसिड जमा होगा वह उसे हटा कर दर्द को कम कर देगा। 
  6. विलो छाल और सरसों जैसे जड़ी बूटी को पीस कर लगाने से भी गठिया रोग में लाभ मिलता है।